नमस्कार बहनों और भाईयो. रामप्यारी पहेली कमेटी की तरफ़ से मैं समीरलाल "समीर" यानि कि "उडनतश्तरी" फ़र्रुखाबादी सवाल का जवाब देने के लिये आचार्यश्री यानि कि हीरामन "अंकशाश्त्री" जी को निमंत्रित करता हूं कि वो आये और खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी के 200 वें अंक के विजेता का नाम घोषित करें.
प्यारे साथियों, मैं आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" आपका हार्दिक स्वागत करता हूं और रामप्यारी पहेली कमेटी का भी शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होने मुझे इस काबिल समझा और यह सौभाग्य मुझे प्रदान किया. नीचे पहेली का मूल चित्र देखिये.
और आईये अब नववर्ष के रोज इस 200 वें फ़र्रुखाबादी से आपको मिलवाता हूं.
इस 200 वें अंक के विजेता हैं श्री पी.सी.गोदियाल,...हार्दिक बधाई! यह प्रमाणपत्र आपको डाक से भेजा जारहा है. हार्दिक शुभकामनाएं.
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पी.सी.गोदियाल said...
पपीते के फूल है ताऊ ! राम राम !
16 March 2010 18:20
इसके अलावा सुश्री रेखा प्रहलाद और श्री M VERMA ने भी बिल्कुल सही जवाब दिया. सभी को बहुत बधाई!
सभी प्रतिभागियों को उत्साह वर्धन के लिये धन्यवाद!
अब आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" को इजाजत दिजिये!
Promoted By : लतश एवम शिल्कर, धन्यवादको पंकज





7 comments:
17 March 2010 06:13
bahut bahut badhai ji
17 March 2010 07:54
करत करत अभ्यास ते....
जय हो गोदियाल जी की..
बहुत बधाई!!!
:)
17 March 2010 11:04
बहुत बहुत बधाईयां सब को।
17 March 2010 12:09
गोदियाल जी को बधाई …
17 March 2010 12:55
पी.सी.गोदियाल जी को बधाई!
17 March 2010 19:20
गोदियाल जी को बहुत बहुत बधाई …!!
18 March 2010 02:18
बधाई गोदियाल जी!!
आप मुँह तो मीठा कराने से रहे...खैर :-)
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