फ़र्रुखाबादी विजेता (144) : महफ़ूज अली

नमस्कार बहनों और भाईयो. रामप्यारी पहेली कमेटी की तरफ़ से मैं समीरलाल "समीर" यानि कि "उडनतश्तरी" आज के फ़र्रुखाबादी विजेता का नाम घोषित करते हुये अपार हर्षित हो रहा हूं. इसके पहले कि मैं नाम घोषित करुं...आईये सही चित्र देख लेते हैं.




आज का सही जवाब है : चील और सांप की लडाई.. सबसे नजदीकी जवाब होने से महफ़ूज अली को विजेता घोषित किया जाता है.

तो आज के विजेता हैं : श्री महफ़ूज अली,



महफूज़ अली said...
सांप को चील या गरुड़ फायटिंग करके खाने कि कोशिश कर रहा है.....

15 December 2009 18:33






अगला फ़र्रुखाबादी सवाल आज शाम को ठीक ६ बजे. तब तक रामप्यारी पहेली कमेटी की तरफ़ से नमस्ते.



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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवादfarr

13 comments:

  संगीता पुरी

16 December 2009 10:46

आज महफूज जी की बारी भी आ गयी .. बहुत बहुत बधाई !!

  ज़ाकिर अली ‘रजनीश’

16 December 2009 10:48

महफूज भाई बधाई।
घर पर ही आ जाता हूँ,
अगर मंगवा रखी हो मिठाई।
--------
हर बाशिन्दा महफू़ज़ रहे, खुशहाल रहे।
छोटी सी गल्ती जो बडे़-बडे़ ब्लॉगर करते हैं।

  सलीम ख़ान

16 December 2009 11:27

Agree with & Copy from Zakir Bhai,

महफूज भाई बधाई।
घर पर ही आ जाता हूँ,
अगर मंगवा रखी हो मिठाई।

  पी.सी.गोदियाल

16 December 2009 12:28

महफूज भाई बहुत बहुत बधाई !

  पी.सी.गोदियाल

16 December 2009 12:30

महफूज भाई !
बहुत बहुत बधाई !
अरे वाह ! कविता की दो लाइने यहाँ भी बन गई !

  ताऊजी लठ्ठ वाले

16 December 2009 12:48

खुल्ला सांड/बाबा सांडनाथ जी

आपसे निवेदन है कि आप अपनी असली पहचान rampyari@taau.in पर बता देवे.

आप चाहेंगे तो आपकी पहचान गुप्त रखी जायेगी. पर आपकी बिना पहचान हुये हम आपके कमेंट यहां पब्लिश नही करेंगे/हटा दिये जायेंगे.

आपका शहर और आई.पी.एडरेस हमारे पास नोट है. आपसे निवेदन है कि आप बात को समझेंगे और शांतिपूर्वक खेलेगे.

धन्यवाद.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

16 December 2009 12:57

महफूज जी के सितारे बुलन्दी पर आ चुके हैं :) बहुत बहुत बधाई !!!

  Murari Pareek

16 December 2009 13:07

ताउजी सांडों की कहाँ पहचान होती है !!!

  Murari Pareek

16 December 2009 13:08

mahfuj bhaai ko badhaai sitaare jagmagaane lagee aapke !!!

  Rekhaa Prahalad

16 December 2009 17:04

mahfuj miyan badhai kubul kare, aapne prove kar diya ki man me lagan hai to you can do it:)

  Udan Tashtari

16 December 2009 18:45

महफूज भाई बधाई। जय हो..शुभकामना!!

  महफूज़ अली

16 December 2009 21:09

मुझे बधाई हो.....

  अविनाश वाचस्पति

16 December 2009 22:40

@ महफूज

खुद को बधाई दे
काम अच्‍छा किया है
एक नया ही रास्‍ता
अनजाने ही खोल दिया है

बधाई हमारी भी स्‍वीकारें

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