बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.
जैसा कि आप मुझसे भी ज्यादा अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं क्यों ५ सप्ताह तक इस खेल का आयोजक रहूंगा. इस खेल के सारे नियम कायदे सब कुछ पहले की तरह ही रहेंगे. सिर्फ़ मैं आपके साथ प्रतिभागी की बजाय आयोजक के रुप मे रहुंगा. डाक्टर झटका भी पुर्ववत मेरे साथ ही रहेंगे.
आशा करता हूं कि आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता रहेगा क्योंकि अबकी बार आयोजकी एक दिन की नही बल्कि ५ सप्ताह की है. और इस खेल मे हम रोचकता बनाये रखें और आनंद लेते रहें. यही इसका उद्देष्य है.
अब आज का सवाल :-
नीचे के चित्र में देखिये...असल मे हुआ ये कि हम आज के सवाल के लिये फ़ोटोग्राफ़ी करते फ़िर रहे थे. कि हमको एक एक द्विपद और एक चतुष्पद प्राणी एक साथ दिखे. हम उनकी फ़ोटो खींच रहे थे कि उसी समय रामप्यारी मैम अपने गधे पर बैठ कर सैर करती हुई कैमरे और उनके बीच मे आगई. अब आप ये बताईये कि रामप्यारी के पीछे ये दोनों प्राणी कौन हैं? और क्या कर रहे हैं?
तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.
"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"
.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.



76 comments:
4 December 2009 18:01
कुत्ता और लडकी...
4 December 2009 18:01
ek to bakri ka bachha hai ek aadmi ka ha..ha..
4 December 2009 18:01
मेमना और लडकी
4 December 2009 18:02
बकरी है और बालक है, पत्ते खिला रहा है।
4 December 2009 18:03
एक लडकी और एक मेमना
4 December 2009 18:03
रामप्यारी की पहेली इतनी आसान तो नहीं होती .. शायद दोनो का नाम बताना हो !!
4 December 2009 18:06
भक्तों को बाबा का बहुत आशीष.
बाबा के आश्रम पधार कर आशीर्वाद ले लो और लॉकेट खरीद कर सर्वमनोकामना पूरी करो.
नोट: १.यहाँ भी जीतने के लिए आश्रम में हवन करवाया जाता है.
२. हमारी कोई ब्रान्च नहीं है.
३. नकलचियों से सावधान.
४. ब्लॉगजगत के एकमात्र सर्टीफाईड बाबा.
-सबका कल्याण हो!!
4 December 2009 18:06
यदि आसान है तो यही जबाब मेरा भी !!
4 December 2009 18:08
सभी को मेरा प्रणाम.
4 December 2009 18:10
उपस्थित सभी बंधु बान्धवियों को राम-राम
संगीत जी प्रश्न मे ये भी लिखा है कि 'ये क्या कर रहे हैं"
4 December 2009 18:10
समीर जी , प्रतिभागी थे तो रा राम करते थे .. नमस्कार करते थे .. आयोजक बन गए तो प्रणाम कर रहे हैं .. स्टैडर्ड घटा या बढा ??
4 December 2009 18:12
वनवासी हैं तो प्रणाम कर रहें हैं. जगत की मिथ्या से परे हो गये हैं.
4 December 2009 18:13
sab ko namskar aur baba ji ko pranam. babaji havan ka kitna kharcha hoga? krupaya batayiye:)
4 December 2009 18:14
बच्ची, jo ki बकरी के बच्चे को प्यार से पुचकार रही है !!
4 December 2009 18:15
अवधिया जी
आपने टिप्पणी दंड भर कर न्याय प्रक्रिया का सम्मान किया है, इसलिये यहाँ पर की गई टिप्पणी एज स्पेशल केस स्विकार की जाती हैं.
अन्यथा
सभी ध्यान दें, दंड टिप्पणी पहेली के दौरान पहेली पोस्ट पर दी जाना चाहिये.
4 December 2009 18:15
संगीता जी-आज किसको जीतना है? आपकी क्या राय है?
4 December 2009 18:15
babaji kya aap dhayan me baith gaye? krupaya batayiye taaki hum bhi pahli, doosri, teesari, aur chauthi baar lagaatar jeet sake.
4 December 2009 18:17
अलख निरंजन बच्चा लोग,
4 December 2009 18:18
लडकी मेमने को बोतल से दूध पिला रही है !
4 December 2009 18:19
अरे, यह तो मैं भूल ही गया था कि : सभी उपस्थित सज्जनों ओर निठल्ले बाबाओ को मेरा राम-राम !
4 December 2009 18:19
आज गोदियाल बच्चा की जीत निश्चित है। अलख निरंजन
4 December 2009 18:20
ये लिजिये एक बाबा गये और दुसरे हाजिर..अब निठ्ठल्लानंद जी भी आते ही होंगे? कुंभ के मौके पर ये सब बाबा लोग हिमालय की कंदराओं से निकल पदते है.
4 December 2009 18:20
awadhiyaaji ne sachmuchh tippaniyaan bharkar ek mishaal kayam ki hai!!!
4 December 2009 18:20
फिर तो बाबाजी एक सोड मेरी तरफ से भी मार लीजिये !
4 December 2009 18:20
सबको बालक प्रणाम करता है.. और तीनों बाबाओं को दंडवत.
4 December 2009 18:21
महाराज जित मंत्र क्या है हत्रिच्क मंत्र क्या है स्वामी समीरानन्दजी और श्ठेश्वर नाथ जी !!!
4 December 2009 18:22
मुरारी बच्चा-हमारी लंगोटी कहां है? हम निठल्ले नही है, वो तो हमे अपनी लंगोटी के लिए आना पड़ता है।
4 December 2009 18:24
बाबाजी आपकी लंगोटी के लिए ललित जी को कपड़ा भेजा गया है उनके ख़ास दरजी जो लंगोट स्पेस्लिस्ट हैं उनसे बनवा के तैयार की जा रही है !!!
4 December 2009 18:24
मुरारी जी, अब लाभी दो यार एक लगोट बाबा के लिए !
4 December 2009 18:26
लडकी मेमने को बोतल से दूध पिला रही है...मेमना सफेद रंग का लेकिन उसका मुँह भूरे रंग का है....दूध की बोतल के ढक्कन का रंग नीला है...ओर दूध सफेद रंग का है :)
4 December 2009 18:26
हा-हा-हा, बाबा समीरानंद जी आजकल के सभेई बाबाओं का यह तो पेट डायलोग है
4 December 2009 18:26
मुरारी जी-लंगोट की मेरी कोई जिम्मेदारी नही है। वैसे भी बाबाजी लोगों को मेरा दूर से ही प्रणाम है।
4 December 2009 18:27
गोदियाल्जी को बधाई हो बकरी के बच्चे को बोतल से दूध पिला रही है बच्ची बकरी के बच्चे का मुह ब्राउन कलर का है !!!
4 December 2009 18:27
वत्स साहब हमारे देश में एक कहावत तो आपने सूनी ही होगी वो क्या कहते है खिसियाई बिल्ली बोतल नोचे :)
4 December 2009 18:28
ललितजी मरवाएंगे क्या एन वक़्त पर मुकर गए !!! अधि अधूरी ही बावा के ला देते !!
4 December 2009 18:30
मुरा्री जी-गलत उत्तर, ये बकरे का बच्चा है।
4 December 2009 18:30
गोदियाल जी...आप कह सकते हैं...भई आज आपका वक्त है :)
4 December 2009 18:32
वत्स साहब, आखिर बकरी की माँ भी कब तक खैर मनाती ? :)
4 December 2009 18:33
बकरे का बच्चा है, और भुरे बाल वाला कन्या बोतल से दूध पिला रही है। रामप्यारी हमारा उत्तर लाक किया जाए और हमे विजयी घोषित किया जाए, बाकियों ने अपने उत्तर अभी तक लाक नही करवाए हैं, उनका ताला खुल्ला पड़ा है।
4 December 2009 18:33
ठीक कहा गोदियाल जी...आखिर 12 साल में तो रूडी के भाग भी जाग जाते हैं :)
4 December 2009 18:36
अरे ललित साहब क्यों कबाब में खाम खा हड्डी..... :)
4 December 2009 18:36
गो्दियाल बच्चा-देखा! आज संतो के आशीर्वाद का कमाल, बिना ताबीज के ही जीत करवा दी, अलख निरंजन, और वत्स कैसे हो, लाल झंडा उतरा की नही?
4 December 2009 18:39
अरे बाबा जी फिर तो एड्रेस बतावो मैं रोज पांच बजकर पचपन मिनट पर आपके आशीर्वाद के लिए पहुँच जाउंगा !
4 December 2009 18:40
समीर जी गायब हो गए? लगता है मेरी जीत की संभावना से खुश नहीं है :)
4 December 2009 18:41
गोदियाल जी...आप तो आज ही बधाई ले लो...कल का क्या भरोसा..हम यहाँ हो न हों :)
4 December 2009 18:42
नहीं-नहीं वत्स साहब ऐसा मत बोलो कल आपकी जीत पक्की !
4 December 2009 18:43
शठाश्रम धाम पहुंचिए आपको नित्य लिंक भी मिल जाएगा और सतसंग भी हो जाएगा धुणे पे। शास्त्रों मे कहा है ना" सत्संगति किम ना करोति पुंसाम"
4 December 2009 18:45
अरे बाबाजी मेरी प्रोब्लम ये है कि ये आश्रम है कहाँ पर ?
4 December 2009 18:46
पंडित वत्स जी - कल फ़ौजी ताऊ आपकी तारीफ़ कर रहे थे, आपका जादु चल गया है।
4 December 2009 18:48
कल अवधिया जी मुफ़त मे ही फ़ंस गये इसलिए आज नही आए लगता है।
4 December 2009 18:48
ललित जी राम-राम एक बार फिर से !
4 December 2009 18:48
भई ललित जी, कोन से फौजी ताऊ ?
4 December 2009 18:49
पंडित वत्स जी-आज हमारी जीत के विषय मे आपका क्या ख्याल है। विजय होगी की नही?
4 December 2009 18:49
ललित जी बाहर बहुत ठंडा है चलो एक चाय पीकर आते है :)
4 December 2009 18:49
वो ही भुवा-फ़ुफ़ा वाले
4 December 2009 18:51
मेरी जन्म तारीख समय आपको फ़ैक्स किया है मिला की नही?
4 December 2009 18:51
वो ही फ़ौजी ताऊ जिनका लिंक हमने कल यहां लगाया था।
4 December 2009 18:52
अरे भाई ललित जी मैं आपसे कुछ पूछ रहा हूँ , आप मेरी सुन ही नहीं रहे है ?
4 December 2009 18:53
अच्छा वो भुआ-फूफा, बहन-जीजा वाले :)
थारी फैक्स तो इब तक कोणी मिली..किसी गलत पते पै तो नी भेज दी !
4 December 2009 18:53
अच्छा मत बोलो यार, मैं पैग लगाने जा रहा हूँ !
4 December 2009 18:55
वत्स साहब इन जनाब का पैक्स ओर इ-मेल तो लाजबाब है, मैंने पिछले महीने की २५ तारीख को मेल भेजा था इन्हें अभी तक नहीं मिला !:)
4 December 2009 18:56
हा हा हा...सही कहा गोदियाल जी !
4 December 2009 19:01
गोदियाल साब-मै आपके वोटर गिनने गया था। थोड़े ज्यादा हो गये इसलिए लेट हुआ।
4 December 2009 19:02
गोदि्याल जी रुको-रुको मैं भी आ रहा हुँ, बड़ी ठंड पड़ रही है।
4 December 2009 19:10
हाँ , अब कुछ आराम मिला ललित जी राम-राम ! दो-दो नजर आरहे है !
4 December 2009 19:15
दो-दो नजर आरहे है, कहीं कल की जीत अभी से तो नजर नही आ रही है। हा हा हा
4 December 2009 19:16
पंडित वत्स जी-मिल ग्यो के मेरो फ़ैक्स? रसीद नही आई इब तक्।
4 December 2009 19:19
मिल गया जी....भई बडी तेज स्पीड है थारी फैक्स आल्ली मशीन की :)
4 December 2009 19:26
सभी लोगों को मेरा प्रणाम!!
जरा एक मिटिंग में चला गया था वरना प्रसन्नता का तो पूछो मति.
मेरे बाहर होते ही जैसे सबके भाग्य खुल गये.
क्या मैं ही शनि बन कर सब पर छाता था क्या??
:)
4 December 2009 19:28
रेखा जी
आश्रम चले आईये. सब उपाय किये जायेंगे फिर आपको कोई हरा नहीं सकता.
हाँ, नकली बाबाओं से सावधान रहियेगा.
मैं अकेला ब्लॉग जगत का सर्टिफाइड बाबा हूँ और हमारी कोई ब्रान्च नहीं है.
चले आईये- हवन करवा देते हैं और लॉकेट बनवा देते हैं-पूर्ण सिद्धि लॉकेट!!!
4 December 2009 19:29
बालक मकरंद आज जोश में नहीं दिख रहे. किसी से लिंक नहीं मांगा??
4 December 2009 19:33
समीर भाई आपके जाते ही दो्नो बाबाजी भी चले गये, क्या बात हो गयी? नाराज तो नही हो गये?
4 December 2009 19:40
:) बाबा लोगों का मुझ पर विशेष स्नेह है. :)
4 December 2009 19:44
बाबा समीरानंद जी-ये बाबा लोगों का पंजियन कहां पर हो रहा? कोई नया कार्यालय खुला है?
4 December 2009 20:27
ye paheli hai ?????
he prabhu
kya hoga is desh ka ?
4 December 2009 22:28
ये तो मेमना ही है. अब क्या कर रहे हैं? ये नही मालूम।
Post a Comment