हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी” आज का सवाल उडनतश्तरी की पसंद का है.
आज के "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" का चित्र नीचे देखिये और सवाल यह नही है कि यह बगुला महाराज क्या कर रहे हैं? यह तो साफ़ दिखाई दे रहा है कि यह अपने भोजन के लिये सांप की पूंछ पकड कर खींच रहे हैं. और चूंकी आज वनस्पति के सवाल का विषय है तो रामप्यारी की अक्ल तो खराब हुई नही है.
तो आज का सवाल यह है कि ये किस चीज के खेत में ऐसा कर रहे हैं? यानि यह खेत किस चीज का है? समीर अंकल हेट्रिक के लिये अग्रिम बधाई..और इसीलिये इतना सीधा सवाल दिया है. इससे सीधा और आसान सवाल तो हो ही नही सकता.
आज आप जीतो यानि हैप्पी तिबारा और कल भी जीतेंगे तो कहेंगे हैप्पी चौबारा...वैसे राजस्थान हरयाणा मे घर की सबसे उपर की मंजिल पर बने कमरे को भी चौबारा कहते हैं. जिसमे एक दरवाजा और तीन तरफ़ खिडकियां होती हैं...नही मैं तो वैसे ही अपना ज्ञान बघार रही थी.:)
यहां माडरेशन नही है....यह आपका खेल आप ही खेल रहे हैं... अत: ऐसा कोई काम मत करिये जिससे खेल की रोचकता समाप्त हो ... सारे जवाब सबके सामने ही हैं...नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू रामप्यारी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.
परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स..रामप्यारी की कोई जिम्मेदारी नही है.
तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक रामप्यारी की तरफ़ से रामराम और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.
"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"
कल यह बहस चली कि हेट्रिक शब्द क्या और कैसे चलन में आया? और चार बार के लिये क्या शब्द है? जिस पर समीर अंकल ने हेट्रिक का सारा इतिहास कल की पोस्ट पर टिप्पणी करके लिख दिया और चार बार के लिये कोई शब्द की उत्पति नही होना बताया.
तो रामप्यारी के रहते आपको कोई चिंता करने की आवश्यकता नही है. सीधी बात है जैसे दो बार के लिये दुबारा..तीन बार के लिये तिबारा हम लोग हिंदी मे कहते हैं उसी तरह से हम हिंदी में चार बार के लिये चौबारा कहेंगे...समीर अंकल आज आप जीत कर तिबारा (हेट्रिक) बनाईये और कल जीतकर चौबारा बनईये.
फ़िर हम कहेंगे "हैप्पी चौबारा समीर अंकल" .... आपको अग्रिम बधाई!



166 comments:
1 December 2009 18:00
ज्वार
1 December 2009 18:01
ज्वार
1 December 2009 18:02
chhotaki jonari
1 December 2009 18:02
समीर भाई राम-राम
आज पहले ही झटके मे काम तमाम
1 December 2009 18:05
राम राम भाई
1 December 2009 18:05
अलख निरंजन
1 December 2009 18:05
calamus
1 December 2009 18:05
bajara
1 December 2009 18:07
बाजरे का भुट्टा!
1 December 2009 18:07
स्वामी समीरानंद कैसे हैं?
1 December 2009 18:07
बाजरा !
1 December 2009 18:08
जुवार फ़ायनल है "लाक" किया जाय
1 December 2009 18:09
yah BAJARA hi hai jvar nahin
1 December 2009 18:10
calamus
1 December 2009 18:11
calamus तो है .. पर इसका अर्थ ??
1 December 2009 18:15
millet field कहते हैं!!! (ज्वार का खेत)
1 December 2009 18:17
calamus है हिंदी मे इसको "खस" कहा जाता है इसकी जड़ रुम कुलर मे पैड पर लगाने के काम आती है/ राम प्यारी लाक किया जाय्।
1 December 2009 18:19
Acorus calamus है हिंदी मे इसको "खस" कहा जाता है इसकी जड़ रुम कुलर मे पैड पर लगाने के काम आती है/ राम प्यारी लाक किया जाय्।
1 December 2009 18:21
ललित शर्मा जी सही कह रहे हैं .. इसे हिन्दी में खस कहा जाता है !!
1 December 2009 18:22
समीर जी...तनिक हौंसला रखिए...हार-जीत तो जीवन में लगी ही रहती है :)
1 December 2009 18:22
ये चिलम का पेड़ है-अलख निरंजन
1 December 2009 18:23
a plant, Acorus calamus, of the arum family, having long, sword-shaped leaves and a pungent, aromatic rootstock.
1 December 2009 18:24
आज क्या ललित बाबू जीतने वाले हैं..मैने देखा था कल संगीता जी ने उन्हें भविष्य बताया था....
1 December 2009 18:24
बाबा जी की जय बम बम!!
1 December 2009 18:25
@ संगीता जी प्रणाम-आज का पंचांग क्या बता रहा?
1 December 2009 18:28
पंचांग अब भारत के पक्ष में हो गया है !!
1 December 2009 18:28
बच है जिसे sweet flack कहते हैं
औषधिय पौधा है.
हमारे जाबलपुर मे खूब होता है.
1 December 2009 18:28
पर दिक्कत है ना .. यहां इतने सारे लोग !!
1 December 2009 18:29
@स्वामी समीरानंद जी, वो बच्चा मुरारी हमारी लंगोटी धोने ले गया है, तीन दिन हो गया लाया नही है। हमे लंगोटी के लिए मजबुरी मे आश्रम छोड़ कर आना पड़ता है, वहां कितना काम है कल आप देख चुके हो।
1 December 2009 18:29
हममें से कोई जीतेंगे .. पर कनाडा के पक्ष में रहने से एक को ही जीतना है .. इसलिए समीर जी बाजी मार लेते हैं !!
1 December 2009 18:31
अब लंगोट पहनना छोड़ दो बाबा!!
सूट पहना करो और रेडीमेड रंजीत के लंगोट....मुरारी बाबू के चक्कर में रहोगे तो वो कहीं का नहीं छोड़ेंगे. :)
1 December 2009 18:32
संगीता जी यही अटूट विश्वास तो नतमस्तक कर जाता है. कॉपी कर लिजिये संगीता जी मेरे जबाब से. :)
1 December 2009 18:34
पंडित वत्स की सलाह का आभार...हौसला रखना काम आया..हा हा!! :)
1 December 2009 18:34
1 December 2009 18:34
कुछ दंड विधान किया जाय, संतो के साथ धोखाधड़ी ठीक नही है। अलख निरंजन
1 December 2009 18:37
यह खस नही है..... यह बच या इसेगौर बच भी कहते है.
१०१% डॆड श्यूर...लिंक मिल चुका है मुझे...हा हा
1 December 2009 18:38
@ वाह पं वत्स जी, पुरा "सुमेरु पर्वत" ही उखाड़ लाय्। गोड़ लागी महाराज
1 December 2009 18:38
बाबा, वो आयेगा अभी...आप श्राप दे देना कि तुमको जल्दी २१ टिप्पणी का दंड लगे... :)
1 December 2009 18:40
@ उडनतश्तरी
आज आपकी कॉपी नहीं करना है .. जो जबाब है मैं पहले बता चुकी .. कॉपी करवानी हो तो कल से इंडिया आ जाइए .. दो चार दिनों तक रामप्यारी की पहेली जीतने के तभी चांस हैं .. कनाडा में रहकर अब कोई चांस नहीं!!
1 December 2009 18:40
वत्स जी जरा इसका लिंक दिजियेगा कि इतनी जानकारी कौन सी साईत पर है?
1 December 2009 18:41
@समीर भाई कल हमने 19999/- वाला चांदी का खड़ाउ लिया है, वत्स महाराज से। इसलिए आज हमारा शनि उतर गया। आप भी ट्राई किजिए। बहुत और तुरंत फ़लदायक है हमने आज आजमा के देख लिया। बलिहारी है तोहार वत्स महाराज
1 December 2009 18:42
ये खस और बच एक ही है या अलग अलग?
कोई बताये.
1 December 2009 18:42
मकरंद, लिंक हमारे पास है सॉलिड....
आज संगीता जी हमारा साथ नहीं दे रहीं तो आज तो उनकी भविष्यवाणी गलत करके ही मानेंगे.
1 December 2009 18:43
ललित भाई
थोड़ी देर और आस्था बनाये रखो...कल आप ही नारे लगाओगे इनके खिलाफ...जब हम जीतेंगे...बिना लिंक इतनी बड़ी बात थोड़े न करेंगे हम. :)
1 December 2009 18:44
बालक...बच औषधिय पौधा होता है और खस..खुशबू वाला ऑरोमेटिक.
अन्तर है मकरंद बालक!!
1 December 2009 18:44
राम राम - महफूज भाई को
और या अली इन सब सज्जनों को ;
आदरणीय ताऊ जी
समीरजी,
ललित जी
संगीता जी पंडित वत्स जी
मुरारे जी
बाबा शठा धीश, मठा धीस और पठाधीस जी
1 December 2009 18:46
@समीर भाई अगर आप इतने स्योर हो तो लिंक दिजिए?
1 December 2009 18:47
ललित भाई
सिर्फ आपके लिए..दो मिनट बाद मिटा दूंगा...दंड लगा तो आधा भरोगे साथ में
1 December 2009 18:47
राम-राम गोदियाल जी
1 December 2009 18:48
गोदियाल साहेब जिन्दाबाद..प्रणाम
1 December 2009 18:49
५१
1 December 2009 18:49
पोस्ट करके गोदियाल जी सीधा इधर आ गए !!
1 December 2009 18:49
समीर भाई आज मेरी तरफ़ से लिंक की मांग है
पुरी की जाय नही तो हड़ताल-इंकलाब जिंदा बाद
संगीता जी थोड़ा सहयोग किजिए आन्दोलन मे
1 December 2009 18:49
कहाँ गये ललित भाई
1 December 2009 18:49
भई ललित जी, ये बाबा लोगों की लंगोटी धोने का पुण्य प्रताप है :)
1 December 2009 18:49
आज मैं खुश था इसलिए ले के आया हूँ
1 December 2009 18:50
अब आप लोग पूछोगे कि कुश क्यों थे जनाव ?
1 December 2009 18:50
किस बात का हडताल !!
1 December 2009 18:50
अच्छा लिजिये और जरा चटका कर देखिये...फिर पंडित वत्स जी से अपने पैसे वापस मांगिये:
http://www.agriculture-industry-india.com/products/swe.html
1 December 2009 18:50
आप तो लिंक दिजिये समीर अंकल,
1 December 2009 18:50
अगले टिपण्णी में जाबाब की प्रतीक्षा कीजिये
1 December 2009 18:51
ललित भाई
१९९९९ बचवायें है आपके..१०००० तो हमारे बनते हैं अब??
1 December 2009 18:52
Ham aapke saath hai lalit jee !
1 December 2009 18:52
बालक मकरंद...भूले से भी दंड लगा तो आधे तुम भी भर देना...
1 December 2009 18:52
समीर अंकल आज तो बन गये..जिंदाबाद जिंदाबाद..पहले बकरा आफ़ ताऊजी डाट काम..हुर्रे
1 December 2009 18:53
डाक्टर झटका जल्दी आईये
1 December 2009 18:53
समीर जी, हमारे यहाँ बिका माल वापिस नहीं होता ओर न ही पैसे वापिस किए जाते हैं :)
1 December 2009 18:53
ये मक्की को छीलकर यहाँ पेस्ट किया गया है बरगलाने के लिए
1 December 2009 18:54
Makrand ji,
डाक्टर झटका बकरा काटने में बीजी है अभी नहीं आयेंगे !
1 December 2009 18:54
हा हा हा हा हा बधाई समीर भाई आज हम जीत गये।
1 December 2009 18:55
समीर जी, आज तो मकरन्द नें आपको लपेटे में ले लिया :)
151 टिप्पणियों का दण्ड लगा समझिए...भई डा. झटका कहाँ हो...जरा जल्दी आओ भई..बडी मुश्किल से तो आज एक मुर्गा फँसा है :)
1 December 2009 18:55
वत्स साहब फिर तो लगता है आप यु पी या बिहार से बिलोंग करते है !
1 December 2009 18:57
बत्स जी आप समीर जी को मुर्गा कह कर पुकार रहे है ? :)
1 December 2009 18:57
अजी गोदियाल जी....नहीं भई! हम तो शुद्ध पंजाबी हैं :)
1 December 2009 18:58
डाक्दर झटका हाजिर हो।
हिंट दिजिए
1 December 2009 18:58
फिर तो आप बाघा बोर्डर के आस पास के होंगे
1 December 2009 18:58
गोदियाल जी....जो फँस जाए, हमारे यहाँ उसे मुर्गा ही कहा जाता है :)
1 December 2009 18:58
मैने समीर अंकल का दिया हुआ लिंक चेक किया. वहां का रिजल्ट यह है.
Botanical Name: Acorus Calamus
Family: Araceae
Hindi name: Bach, Gorabach
Part Used: Rhizome
अब मैं ललित जी से भी अनुरोध करुंगा कि वो भी अपने खस के सपोर्ट मे लिंक देवे जिससे तय किया जा सके कि विजेता कौन है?
हां तो ललित जी अब आपकी बारी है लिंक देने की.
1 December 2009 18:59
जी, नहीं ...लुधियाना से..
1 December 2009 19:00
मकरन्द...आज दो दो बकरे बनाने के चक्कर मे हो :)
1 December 2009 19:00
मकरंद....हमसे बदमाशी....डॉ झटका जब तक आयेंगे मैं लिंक हटा लेता हूँ.. :) फिर??
1 December 2009 19:01
वत्स साहब प्रसंता हुई आप से मिलकर , बाघ तो मैंने इस लिए कह दिया था कि शायद माल पकिस्तान से तस्करी का हो इसलिए न माल वापस न पैसे !:)
1 December 2009 19:01
ललित जी के पास कोई लिंक होगा तब न देंगे और तो पंडित जी के झांसे में आ गये.
1 December 2009 19:02
वो लिंक डाँ.झटका की मेल मे सेव हैं. अगर हटाये तो डबल दंड पक्का ही लगायेगा डाक्टर.:)
1 December 2009 19:02
मकरंद समीर जी को बकरा बना के अब हमारा नम्बर लगा रहे हो। इतने तो मुरख हम भी नही है।
अभी हमारे पास दंड देने की शक्ति नही है।
1 December 2009 19:02
ललित जी मूँछे देख कर तो नहीं लगता कि उनके पैसे पंडित जी हजम कर पायेंगे, वो तो वसूल कर मानेंगे :)
1 December 2009 19:03
bhai markand jee aap daktar jhatkaa kaa paksh kyo le rahe ho ?
1 December 2009 19:03
भई गोदियाल जी....ठीक कहा ...हा हा हा :)
1 December 2009 19:03
ललित भाई, मूँछों की शान का सवाल अटक गया है आज तो!!
1 December 2009 19:04
हां तो ललित भाई कहां गये? जल्दी लिंक दिजिये..वर्ना समीर अंकल पक्का जीत रहे हैं..उन्होने तो हेट्रिक के चक्कर डाक्टर का कोप भाजन बनने की भी परवाह नही पाली..जल्दी दिजिये लिंक..आज समीर जी को हेट्रिक से रोकना ही है..जरा मजबूत सा लिंक दिजिये..
1 December 2009 19:04
Samer ji, haathee ke daant ......:)
1 December 2009 19:06
गोदियाल जी सवाल पक्ष का नही है.और डाक्टर झटका का पक्ष लो कि विपक्ष लो..उसको तो हलाल करने का काम है. हमको कर देगा अगर उसके हत्थे चढे तो.
हम तो अपना धंधा कर रहे हैम और वत्स जीऔर ललित भाई समझ गये हैं.:)
1 December 2009 19:06
अच्छा भला एकदम सही उत्तर ऊपर देने लगा था। नीचे आते-आते पता नहीं कहां मेले में खो गया। अब तो 'पकने' पर ही पता चलेगा कि क्या था क्या हो गया।
1 December 2009 19:07
जल्दी लिंक दिजिये ललित भाई.
1 December 2009 19:07
समीर जी, गंगा गई अस्थियाँ कभी वापिस नहीं आती :)
1 December 2009 19:07
Ye Gagan jee kaa swaagat kiyaa jaaye sameer ji
1 December 2009 19:07
अरे वत्स जी आपके पास हों तो आप लिंक दिजिये..अपने को तो बस समीर अंकल को रोकना है किसी भी तरह..आज हेट्रिक से.
1 December 2009 19:08
मुरारी भाई, महफ़ूज भाई कहां गये सब?
1 December 2009 19:08
मकरंद हम नियम के विरुद्ध कार्य नही करते। लेकिन हमने जो कहा वो सही है, ध्रुव सत्य है अब निर्णय का कार्य रामप्यारी का है और पं वत्स पहले सभी भाषाओं मे नाम छाप चुके है।
1 December 2009 19:08
अरे नहीं गौदियाल साहब...वो हाथी के दांत नहीं है...पंडित जी के लिए काफी हैं. :)
1 December 2009 19:10
ललित भाई समीर अंकल ने जो लिंख दिया है उस पर कहीं भी खस नही लिखा है. अगर वत्स जी ने लिखा है तो उनसे लींक दिलवाईये..जिससे हेट्रिक रोकी जा सके.
वत्स्जी जरा जल्दी दिजिये लींक कि कहां खस लिखा है?
1 December 2009 19:11
अब चाहे वो बच हो या फिर खस...क्या फर्क पडता है...हमारे वाला calamus तो सही है न... हम तो बस इतने में ही प्रसन्न हैं :)
1 December 2009 19:11
मार्कंड जी
हमारे ये ललित जी ३६ गढ़ से बिलोंग करते है वे नियम के विरुद्ध काम नहीं करते क्योंकि वहाँ पर ऐसाकोई अनैतिक काम नहीं होता जैसा की झारखंड में होता है, कोड़ा साहब की जय !
1 December 2009 19:12
मकरन्द...जरा अपना मेलबाक्स चैक करो...हमने लिंक भेज दिया है :)
1 December 2009 19:13
हा-हा-हा, सच में बहुत मजा आया आज, खुश इसलिए था की आज एक लेख दो-दो जगह छप गया बस !
1 December 2009 19:15
गगन जी जिन्दाबाद...स्वागत है!! प्रणाम!!
1 December 2009 19:16
वत्स जी अभी मेल बाक्स यहां अन्ही खुलेगा. आप तो लिंक चेप दिजिये यहीं पर. वर्ना अपन समीर अंकल को हेट्रिक से कैसे रोक पायेंगे?
1 December 2009 19:17
गोदियाल सहब
लेख का लिंक तो दे दो..तो हम भी बांच लें..कहाँ कहाँ छप गये??
1 December 2009 19:18
मकरंद
परिक्षा खत्म हो गई क्या?? ट्यूशन???
1 December 2009 19:19
गोदियाल फ़िर कुछ हो जाय्। अस्सी और तुस्सी और समीर भाई
1 December 2009 19:20
पंडित जी
calamus कहना वैसा ही है जैसे कि आप चना, अरहर इन सब की जगह कहें...दलहन की खेती या अनाज की खेती... गलत जबाब!!
:)
1 December 2009 19:20
मान जाओ भाई..काहे हैट्रिक तुड़वा रहे हो...:)
1 December 2009 19:20
गोदियाल साब! फ़िर कुछ हो जाय्। अस्सी और तुस्सी और समीर भाई
1 December 2009 19:21
समीर जी म इतना बेवकूफ "Bhee" नहीं हूँ जो लिंक देकर खुद वा खुद 'आ बैल मुझे मार बोलू !
1 December 2009 19:21
बैठक तो जमा ही लो, ललित भाई...खम्भा गोदियाल जी ले आयेंगे और चखना हम!! हाहा!!
1 December 2009 19:22
समीर अंकल आठ बजे जाना था ट्युशन? पर आज मम्मी नही है तो ट्युशन क्लास बंक करदी और यहां बकरे बनाने का धंधा कर रहा हूं. पहला ही तगडा बकरा बनाया है.:)
दूसरा लगता है आज फ़ंसेगा नही और ऐसा मौका जल्दी से आयेगा नही. इसलिये लगा हूं आज यहां पर.:)
1 December 2009 19:22
आज तो मकरन्द पक्का जलूस में शामिल होगा :)
1 December 2009 19:22
अरे, लेख के लिंक से इस पहेली का क्या लेना देना?? गोदियाल साहब
1 December 2009 19:22
ठीक है ललित जी 21 december 2012 तर गया तो दावत पक्की ! :)
1 December 2009 19:24
सूचना
यहाँ जितने लोग हैं क्या सब लोग उड़न तश्तरी पर कमेंट कर चुके हैं..अगर नहीं, तो तुरंत करके फिर यहाँ पधारें.
:)
1 December 2009 19:25
agar yah baat hai sameer jee to lekh kaa link yah hai ;
http://gurugodiyal.blogspot.com/2009/11/blog-post_29.html
aur kahaan chapaa iske liye paabalaa sahaab kaa blog dekhe !
1 December 2009 19:25
मम्मी को भेजता हूँ रामप्यारी का लिंक कि देखो मकरंद क्या कर रहा था. मम्मी का ईमेल मेरे ईमेल पर भेज देना. फिर अच्छी डांट पड़ेगी..:)
1 December 2009 19:25
maine kas diyaa bahut pahle !:)
1 December 2009 19:26
पधार गए जी:)
1 December 2009 19:27
समीर जी...हम नहीं मानते..हमारे वाला जवाब सही है...नैट पर इसका यही नाम दिया गया है ।
1 December 2009 19:29
पढ़ आये गोदियाल साहब!!
अब आप चाहें तो लिंक हटा सकते हैं..:)
1 December 2009 19:30
प.वत्स जी,
आपके कहने से कुछ नही होगा. लिंक तो सबूत के तौर पर देना होगा ना?
एक काम करिये आप यहां लिंक छापिये मैं उसकी कापी करके मेरे नाम से छाप दूंगा तो आप पर दंड नही लगेगा.
1 December 2009 19:30
प.वत्स जी,
आपके कहने से कुछ नही होगा. लिंक तो सबूत के तौर पर देना होगा ना?
एक काम करिये आप यहां लिंक छापिये मैं उसकी कापी करके मेरे नाम से छाप दूंगा तो आप पर दंड नही लगेगा.
1 December 2009 19:30
प.वत्स जी,
आपके कहने से कुछ नही होगा. लिंक तो सबूत के तौर पर देना होगा ना?
एक काम करिये आप यहां लिंक छापिये मैं उसकी कापी करके मेरे नाम से छाप दूंगा तो आप पर दंड नही लगेगा.
1 December 2009 19:31
पंडित जी, दलहन कहने पर भी अरहर दिखा देगा... :) नेट का क्या है.
film actor likho yaa amitabh -दोनों में उसकी तस्वीर आती है तो क्या अमिताभ की तस्वीर का जबाब फिल्म एक्टर मान लें...
कहिये पंडित जी..हा हा!!
जीतने के लिए कितना बोलना पड़ता है!! :)
1 December 2009 19:32
मकरंद की उड़नतश्तरी पर प्रेजेन्ट लग गई है.
1 December 2009 19:33
वत्स जी , बिना लिंक के आप हेट्रिक नही रोक सकते. आपने कह दिया ये फ़िल्म एक्टर है तो उसका नाम भी तो बतायेंगे? बस यही फ़र्क है. आप तो लिंक दिजिये.
1 December 2009 19:34
आज मम्मी नही है तो अपनी बल्ले बल्ले है.:)
1 December 2009 19:34
2012 का क्या करना है गोदियाल साब, साथ लेके थोड़ी जाना है। जिन्दगी के मेले यहीं लगाने हैं, मै मै 10 को गरुड़ वाहन से आपके पास पहुंच रहा हुं।
फ़िर मेल बैठेगे दिवाने दो, क्नाट प्लेस मे रोहित बल की दुकान मे टेबल न.3 बुक है,
1 December 2009 19:37
हमें काट दिया का लिस्ट से, ललित भाई..
1 December 2009 19:39
कल का विष्य:
फिल्म
अब चलते हैं कुछ देर को!! :)
1 December 2009 19:41
ये नैट की गलती है जी...हमारी नहीं !
हमें तो ये पता है कि हमारा जवाब सही है....अगर हमारे साथ कुछ घोखाघडी की गई तो हम तो आन्दोलन की रह पकड लेंगें....मकरन्द तो अपने साथ है ही :)
1 December 2009 19:42
मकरंद तो लिंक के साथ है...सत्य का पुजारी है बेचारा. :)
1 December 2009 19:47
समीर भाई-कल तो आपके साथ थे ही बड़े-बडे जग भर के............
आपका पुर्ण रुपेण स्वागत है, बबलु धमाल बैन्ड पार्टी को बुला लेगें, गरुड़ वाहन विश्राम स्थल पर।
1 December 2009 19:51
वत्स जी , अभी डाक्टर झटका से बात हूई है फ़ोन पर. उसको बता दिया कि ऐसी ऐसी गडबड चल रही है. तो डाक्टर बोला कि - फ़ैसला दिये गये लिंक के हिसाब से होगा. अत: पंडितजी आप भी आपके समर्थन मे लिंक दे दिजिये, वर्ना तो आज समीर अंकल की हेट्रिक पक्की है.
आगे आप जानो.और हां ..डाक्टर झटका एक इमरजेंसी आपरेशन मे व्यस्त है. आपरेशन पूरा करके ही यहां आयेगा.
1 December 2009 19:53
बाजरा..
1 December 2009 19:55
लिंक पर लिंक.. लिंक पर लिंक.. झटका अंकल सो गये क्या....वैसे समीर जी तो जुर्माना भी भर चुके अब तक.. हा हा..
1 December 2009 20:06
मकरन्द...हम तो लिंक देने से तौबा कर चुके ...एक बार पहले भुगत चुके हैं :)
1 December 2009 20:10
itna time aata kahan se nithallon ke paas ?
ye kaddu ka khet hai. koyi shak ?
1 December 2009 20:11
वाह यहाँ तो महफ़िल जमी हुई है। गोदियाल जी से पार्टी भी ली जा रही सीट बुक कर!
हमें मत भूल जाईएगा!!
बी एस पाबला
1 December 2009 20:15
itane saare javaab.......\
ham to yahi jaante he ki yah makka kaa khet he/ bhutte vaale/
1 December 2009 20:20
एक कोडा जी के कारण सारे झारखंड वासियों को सुनना पड रहा है .. क्या करूं , मैं भी सुनने को मजबूर हूं !!
1 December 2009 22:07
ये कौन मुरख बच्चा है, जो निट्ठला कह रही है। संत हमेशा प्रभु के भजन मे लीन रहते हैं। कभी निट्ठल्ले नही होते। क्या संतों के क्रोध का भी डर नही है। अलख निरंजन
1 December 2009 22:25
आज जबरदस्ती इतनी टिप्पणी कर दी दंड समझ कर, जबकि दंड लगा भी नहीं. :)
1 December 2009 22:30
उडनतश्तरी
आज हम जरा आपरेशन मे व्यस्त थे इसलिए हम अभी यहां आये हैं. लिंक देने के जुर्म मे ५१ टिप्पणियां का जुर्माना आप पर किया किया है. इसे आप कल तक खजाने मे जमा करवा कर रसीद प्राप्त करें. आज ट्रेजरी बंद हो चुकी है.
1 December 2009 22:35
आज तो लगता है डाक्टर झटका गायब है? अरे कहां हो डाक्तर झटका जी? आकर दंड वंड लगाईये...वो क्या कहते हैं? गवाह चुस्त मुद्दई सुस्त?
दंड लगवाने के लिये समीर अंकल आपको डःऊंढ रहे हैं और आप गायब हैं? या मैं ही लगादूं आपकी तरफ़ से १०१ टिप्पनियॊं का दंड?:)
1 December 2009 22:42
सबसे पहले तो समीर लाल जी को हैट्रिक की बधाई.....वास्तव में ये "वच" ही है..
रामप्यारी, भाई ललित जी को एक सांत्वना पुरूस्कार तो दे ही देना..बेचारों नें बहुत मेहनत की है :) ललित जी, ऊपरवाले के यहाँ देर है पर अन्धेर नहीं...आपका नम्बर भी जरूर आएगा :)
1 December 2009 22:46
बधाई समीर अंकल...पर आज डाक्टर झटका कहां हैं? कहीं डाक्टर किसी का गलत आपरेशन करके पुलिस के हत्थे तो नही चढ गया? अभी तक नही आया दंड देने.
रामराम.
1 December 2009 22:49
डा. झटका...भई कहाँ हो आज दिखाई नहीं दे रहे...दंड विधान तो यही कहता है कि इस समय तक तो तुम्हे आ जाना चाहिए था...हमारी बारी में तो तुमने 5 मिन्ट की भी देरी नहीं की थी..अते ही झट से दंड ठोक दिया था....आज समीर लाल जी फँसे हैं तो तुम्हारे दर्शन भी नहीं हो रहे...कहीं अन्दर खाते कुछ ले देकर इनके साथ कोई समझौता-वमझौता तो नहीं हो गया :)
हम कहे देते हैं कि जनता ऎसी धाँधली नहीं चलने देने वाली....आज जनता जागरूक हो चुकी है :) जरा जल्दी आओ.....
1 December 2009 22:50
ओर हाँ कम से कम 101 टिप्पणियाँ का दंड लगना चाहिए....तभी जाकर ललित जी के कलेजे को कुछ ठंड पडेगी :)
1 December 2009 23:34
सूचना :-
अति व्यस्तता के कारण हम आज लेट हुये हैं. आपसे क्षमा चाहते हैं.
उडनतश्तरी पर लिंक देने के जुरम मे ५१ टिप्पणीयों का जुर्माना किया जाता है. कल पंचों के सामने गिनती करवा कर जमा करवा कर रसीद प्राप्त करें.
मकरंद पर २१ टिप्पणियों का दंड किया जाता है. क्योंकि उसने हमारी अनुपस्थिति मे हमारी नकल करने की गुस्ताखी की है. मकरंद भी कल पंचों के सामने टिप्पणीय़ां जमा करवा कर रसीद प्राप्त करें.
धन्यवाद.
2 December 2009 00:06
केवल ५१ टिप्पणियों का दण्ड सजा तो ज्यादा होनी चाहिये।
2 December 2009 03:49
पहली टिप्पणी:
खुशी है मकरंद को दंड मिला. डॉक्टर की नकल करने निकले थे. :)
2 December 2009 03:49
हमारी सजा हम ऑलरेडी न्यायालय स्थगन के दौरान काट चुके हैं.
2 December 2009 03:51
अपराध और न्याय आने के बीच का पीरियड में कैसी जितने दिन बंद रह चुका होता है, उसे सजा में से माईनस किया जाता है.
2 December 2009 03:51
बाकी अगर कुछ बच भी गई हों, तो अच्छे आचरण के चलते बाकी की सजा माफ.
2 December 2009 03:52
दो टिप्पणी १५ अगस्त की, २ टिप्पणी २६ जनवरी और २ गाँधी जयंति पर माफ.
2 December 2009 03:52
५ टिप्पणी देश में बाढ़ से आई विपदा के मद्दे नजर माफ.
2 December 2009 04:01
अच्छे आचरण, उच्च विचार, संयमित वाणी, ईश्वर एवं कानून में आस्था, बेस्ट अटेंडेन्स, पास्ट गुड performance grade A+, मानवीय संबंध, सभी प्रतिभागियों से मधुर संबंध आदि के आधार पर बची ७ टिप्पणियाँ...वो अच्छे आचरण वाले एकाउन्ट में माफ.
2 December 2009 04:01
अब बालक मकरंद शुरु हो जाओ.
हमने शहादत दी मगर तुम बदमाशी की सजा काटोगे.
2 December 2009 04:13
फाईनल हिसाब:
काण्ड के बाद टिप्पणियाँ: ३३
१५ अगस्त : २
२६ जनवरी : २
गाँधी जयंति: २
बाढ़: ५
अच्छे आचरण: ७
= ३३+२+२+२+५+७ =५१ (सजा पूरी)
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